Dard Par Shayari

Dard Par Shayari
Dard Par Shayari

यूँ सजा न 🔸दे मुझे बेकसूर हूँ मैं,
अपना ले मुझे गमों से 🔸चूर हूँ मैं,
तू छोड़ गई 🔸हो गया मैं पागल,
और लोग कहते है 🔸बड़ा मगरूर हूँ मैं।

तुझे मोहब्बत 🔸करना नही आता,
और मुझे मोहब्बत के सिवा 🔸कुछ नही आता,
जिंदगी जीने🔸 के दो ही तरीकें है,
एक तुझे नही आता, और🔸 दूसरा मुझे नही आता।

माना की हम🔸 गलत थे जो तुझसे चाहत कर बैठे.
पर रोयेगा कभी तू भी ऐसी🔸 वफ़ा की तलाश में.

पल पल🔸 मरना पड़ता है साहब.
इश्क़ करना कोई🔸 मजाक नहीं.

मत पूछो कि वो 🔸इंसान कितना संगदिल निकला,
जिसे गलती से खुशियों का🔸 मसीहा समझ बैठे।

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