Dosti Par Shayari

Dosti Par Shayari
Dosti Par Shayari

जब मोहब्बत🔸 हाथ छोड़ देती है,
तब दोस्त ही कदम से कदम🔸 मिलाकर चलते हैं।

कुछ तुझपे उधार🔸 है कुछ मुझपे उधार है,
ये दोस्ती की मीठी यादें हमारी, चाय 🔸के कर्जदार है..‼

मुझपर दोस्तों का 🔸क़र्ज़ यु ही उधार रहने दो,
बड़ा हसीं है ये क़र्ज़, मुझे कर्ज़दार🔸 रहने दो..‼

हमारे 🔸दोस्त भी,
किसी ताबीज से 🔸कम नहीं,
गले 🔸लगाते ही,
सारे गम खिंच🔸लेते हैं..

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